सोमवार, 26 दिसंबर 2016

नोटबंदी 5

आपकी सोच के सब ही कायल हुए
नोट की चोट से सब ही घायल हुए
चल जाए कहीं न सितम वक्त का
तब न कहना सजन वे ही पागल हुए

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