बुधवार, 2 नवंबर 2016

चलो आज तुम्हें सुनाते हैं
जज्बातों की एक कहानी
इसमें न कोई राजा है
और न ही है कोई रानी
मन का बंधन
दिल की धड़कन
सांसों की महक
अहसासों की खनक
इतनी सी है
इसकी रवानी
चलो आज तुम्हें सुनाते हैं
जज्बातों की एक कहानी
इसमें न कोई राजा है
और न ही है कोई रानी
गंगा सी निर्मलता
मासूम एक निश्छलता
गोधूलि की बयार
हारे दिल की पुकार
राधा जैसी वो
केशव की दीवानी
चलो आज तुम्हें सुनाते हैं
जज्बातों की एक कहानी
इसमें न कोई राजा है
और न ही है कोई रानी

1 टिप्पणी:

ranjana yadav ने कहा…

बहुत सुन्दर सी है ये कहानी।