सोमवार, 23 मई 2016

याद बहुत फिर आईं अम्मां

बहुत दिनों बाद फिर आईं अम्मां
मकां को घर बनाईं अम्मां
रात पहर जब बीत गई
याद बहुत फिर आईं अम्मां

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