मंगलवार, 25 मार्च 2014

होली खेली दुनिया सारी

होली खेली दुनिया सारी भर-भर पिचकारी
साली न आयी रे अबकी हमारी

लाल गुलाबी हरे रंग में रंग गए चेहरे सबके
कुछ रंग लगाए बहके कुछ भंग चढ़ाए खिसके
रंग चढ़े न हम पर कोई भर-भर मारी पिचकारी
साली न आयी रे अबकी हमारी

कारा देखें गोरा देखें कोरा कागज देख खदेड़ें
कुर्ता रंग दें साड़ी रंग दें दादा भी मुंह न मोड़ें
देवर खेलयं भाभी खेलयं खेलयं सियादुलारी
साली न आयी रे अबकी हमारी

होली खेली दुनिया सारी भर-भर पिचकारी
साली न आयी रे अबकी हमारी

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