रविवार, 20 जनवरी 2013

मैंने उस नजर से नजर मिलाई क्यूं,

मैंने उस नजर से नजर मिलाई क्यूं, 
सब कसमें वफा की निभाई क्यूं। 

कौन कहता है बेवफा ही बेवफा होता है,
मैं तो हर वफा करके भी हरजाई हूं।

हर अक्स में वह ही वह, हर अक्स उसका है
यह कोई ख्वाब नहीं, ख्वाब का तसव्वुर नहीं
मैं ही उसका ख्वाब-ए आशनाई-हूं... 

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