रविवार, 21 अक्तूबर 2012

किससे कहूं दिल का हाल

हर बात हर किसी से कही नहीं जाती
हर बात हर किसी की सुनी नहीं जाती,
उसकी भी न सुनूं ऐसा हो नहीं सकता
उसकी आंखों की नमी देखी नहीं जाती।

दिन आयेंगे बहार के है उसी का इंतजार
इस रात की सुबह स्वर्णिम नशीली होगी,
विश्वास करो मेरा, विश्वास रखो मुझ पर
यह विषैली हवा कभी मुझे तोड़ नहीं सकती।

तुम कहो दिल की हर वक्त समय है साथ
ईमान की है रोटी, ईमान की ही है धोती,
किसी के कहने से किसी का हो नहीं सकता
उनके कहने से क्या, कयामत यूं आ नहीं सकती

2 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) ने कहा…


कल 29/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) ने कहा…

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